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जन्माष्टमी 2026
जन्माष्टमी is on शुक्रवार, 4 सितंबर 202639 days away
भक्तजन मंदिरों में इकट्ठा होकर भजन गाते हैं और भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को सजाते हैं। कई लोग उपवास रखते हैं और रात को विशेष पूजा करते हैं। घरों में मिठाइयाँ बनती हैं, जैसे कि पेड़ा और लड्डू।
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इतिहास और उत्पत्ति
जन्माष्टमी का पर्व सदियों से मनाया जा रहा है। इस दिन भक्तजन विशेष रूप से रात के समय भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं। कई स्थानों पर राधा-कृष्ण की लीलाओं का मंचन होता है।
परंपराएँ और रीति-रिवाज
भक्तजन रात भर जागकर भजन गाते हैं और 'दही हांडी' का आयोजन करते हैं। कई लोग अपने घरों में झूले सजाते हैं और बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण की तरह सजाते हैं। विभिन्न स्थानों पर मेला लगता है, जहाँ लोग खाने-पीने की चीजें खरीदते हैं।