ओणम 2026
26 अगस्त 2026 को ओणम का त्योहार मनाते समय, लोग अपने घरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाते हैं। परिवार के सदस्य एकत्र होकर पारंपरिक भोजन का आनंद लेते हैं, जिसमें स्वादिष्ट 'उनियप्पम' और 'पुलियोधर' शामिल होते हैं। हर कोई एक साथ मिलकर गीत गाता और नृत्य करता है, जिससे माहौल में खुशी और उत्साह फैलता है। कुछ लोग ओणम के दौरान 'तिरुवातिरा' नृत्य करते हैं, जबकि अन्य अपने घरों में विशेष पूजा करते हैं।
इतिहास और उत्पत्ति
ओणम का त्योहार केरल के राजा महाबली की कहानी से जुड़ा हुआ है। लोग मानते हैं कि राजा महाबली हर साल इस दिन अपने लोगों से मिलने के लिए आते हैं। 26 अगस्त 2026 को, लोग अपने घरों के आंगन में रंगोली बनाते हैं और राजा का स्वागत करने के लिए तैयार होते हैं। कुछ लोग ओणम की परंपरा के अनुसार, अपने घरों के बाहर 'ओणम कुट्टन' बनाते हैं, जो राजा के स्वागत का प्रतीक है।
परंपराएँ और रीति-रिवाज
ओणम के दौरान, लोग 'ओणम साद्या' का आयोजन करते हैं, जिसमें 26 अगस्त 2026 को विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं। महिलाएं पारंपरिक कपड़े पहनकर सजती हैं और घरों में 'पुथु' बनाती हैं। बच्चे ओणम के विशेष खेलों में भाग लेते हैं, जैसे 'कंबला' और 'वत्तम कुट्टु'। कुछ परिवार अपने प्रियजनों के साथ मिलकर ओणम की विशेष रेसिपी बनाते हैं, जबकि अन्य स्थानीय मेले में जाकर त्योहार का आनंद लेते हैं।